दयानन्द-चालीसा
[आकार-२०x३०, पृष्ठ-१६, मूल्य- १० रूपये]

वैदिक धर्म के पुनरूद्धारक, महान् समाज-सुधारक, राष्ट्र और आर्य-समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती ने संसार के उपकार हेतु अनेक महान् कार्य किए थे। अचार्य श्री डॉ० वेदप्रकाश ने ‘दयानन्द-चालीसा’ पुस्तक में महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा किये गए लोक-कल्याणकारी कार्यों को दोहा और चैपाई छन्दों में बहुत सरल और सुन्दर भाषा में लिखा है, जिसे पढ़कर पाठक आनन्द-विभोर हो जाते हैं और उनके अज्ञान और अन्धविश्वास दूर होते हैं तथा उनके मन में ईश्वर-भक्ति, राष्ट्र-सेवा तथा अन्य शुभ कर्म करने की भावनाएँ जाग उठती हैं।