
कृष्ण-चालीसा
[आकार-२०x३०, पृष्ठ-१६, मूल्य- १० रूपये]
श्री कृष्णचन्द्र महाराज संसार के सर्वोत्तम नीतिज्ञ, देश-धर्म के रक्षक, परमवीर, योगीराज और अनुपम महापुरूष थे। महाभारत में उनका चरित्र सर्वोत्तम तथा सूर्य के समान उज्जवल था, किन्तु भगवतादि पुराणों में उनके चरित्र को कलंकित किया गया है। वर्तमान में भी कृष्ण-कथा वाचक भी महाभारत में वर्णित कृष्ण-चरित्र को सुनाकर भागवत पुराण की काल्पनिक कृष्ण कथा ही सुनाते हैं। यह घोर दुःख और दुर्भाग्य की बात है। किन्तु अचार्य श्री डॉ० वेदप्रकाश ने कृष्ण-चालीसा में श्री कृष्णचन्द्र महाराज के महान् चरित्र की मुख्य विषेशताओं को दोहा और चैपाई छन्दों में बहुत सरल और सुन्दर भाषा में लिखा है। ‘कृष्ण-चालीसा’ को पढ़ने और सुननेवाले सज्जन सदैव सत्य को जानकर आनन्द-विभोर हो जाते हैं।