विद्यार्थी-जीवन
[आकार-२३x३६x१६, पृष्ठ-१४२, मूल्य-८० रूपये]

सम्पूर्ण विश्व में प्रायः सभी विघालयों में विद्यार्थियों  को स्वास्थ, सुयोग्य, सदाचारी, देशभक्त और धर्मभक्त बनाने के लिए कुछ भी नहीं पढ़ाया जा रहा है। समाज में चहुँ और धूम्रपान, मदिरापान, मांसाहार, अशलीलता, दुराचार, हिंसा और स्वार्थान्धता का साम्राज्य है। ऐसे घोर अन्धकार में आर्य विद्वान् डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने ‘विद्यार्थी - जीवन’ पुस्तक लिखकर प्रकाश की एक ज्योति प्रज्ज्वलित की है। इस पुस्तक में विद्यार्थियों को स्वस्थ, सुयोग्य, सदाचारी, देशभक्त और धर्मभक्त बनाने के लिए सभी उपयोगी विषय सरलतम रूप् में लिखे गए हैं। सभी शिक्षक अपने विद्यार्थियों को और सभी माता-पिता अपने सन्तानों को ‘विद्यार्थी-जीवन’ पुस्तक का स्वाध्याय कराकर उनका तथा अपना जीवन सफल बनाएँ।