ईश्वर-उपासनाः क्यों और कैसे?
[आकार-२३x३६/१६, पृष्ठ-३६०, मूल्य-१५० रूपये]
ईश्वर-उपासनाः क्यों और कैसे? एक अदभुत एवं विश्व-प्रसिद्ध ग्रन्थ है, जिसमें डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने ईश्वर-उपासना से सम्बन्धित प्रायः सभी विषयों को अत्यन्त सरल, प्रामाणिक और रोचक रूप से, क्रमश १४ अध्यायों में प्रस्तुत किया है। वैदिक सिद्धान्तों के अनुसार विचरित यह ग्रन्थ अज्ञान, अन्धविश्वास, पाखण्ड और दोष-दुर्गणों को समाप्त करके मनुष्य को सदमार्ग पर चलनेवाला और ईश्वर-उपासक बना देता है। इस ग्रन्थ का विषयक्रम निम्नवत् है-
१. मानव-जीवन का रहस्य, २. ईश्वर का सर्वोत्तम नाम क्या है? ३. ईश्वर का अस्ति्त्व एवं स्वरूप, ४. वैज्ञानिको की दृष्टि में ईश्वर, ५. क्या ईश्वर अवतार लेता है?, ६. अवतारों की कथाओं का सत्य, ७. उपासना मूर्ति की यज्ञ ईश्वर की?, ८. मूर्ति-पूजाः वेद-विरूद्ध, ९. उपासना के अनेक रूपों की सच्चाई, १०. ईश्वर-उपासना क्यों?, ११ ईश्वर-उपासना कौन कर सकता है?, १२. ईश्वर-उपासना करने का फल?, १३. ईश्वर-उपासना न करने का फल, १४. ईश्वर-उपासना कैसे करें?
धर्म-प्रेमी सज्जन इस अनुपम धार्मिक ग्रन्थ को पढ़कर वैदिक धर्म का ज्ञान, सुख-शान्ति और आनन्द को प्राप्त चुके हैं। ईश्वर-उपासनाः क्यों और कैसे? की साजसज्जा एवं मुद्रण अत्यन्त सुन्दर हैं तथा गत्ते की पक्की जिल्द है।